नियति का अद्भुत विधान: अंधकार के बाद प्रकाश का आध्यात्मिक रहस्य
अंधकार के बाद अवश्य आता है प्रकाश: नियति, शिव-कृपा और जीवन के पुनर्जन्म का आध्यात्मिक रहस्य "जब जीवन अंधकार से घिर जाता है, तब ईश्वर का प्रकाश नया मार्ग दिखाता है।" - डॉ संजय कुमारपवार भूमिका जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जब सब कुछ बिखरा हुआ प्रतीत होता है। सपने टूट जाते हैं, परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो जाती हैं और भविष्य धुंधला दिखाई देता है। उस समय मन बार-बार यही प्रश्न करता है—क्या यह अंधकार कभी समाप्त होगा? किन्तु प्रकृति का एक शाश्वत नियम है—रात्रि कितनी भी लंबी क्यों न हो, उसके पश्चात् सूर्य का उदय निश्चित है। ग्रीष्म की तपती धरती ही वर्षा का आधार बनती है। इसी प्रकार जीवन के संघर्ष, पीड़ा और अभाव भी हमें किसी बड़े परिवर्तन की ओर ले जा रहे होते हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो नियति कभी केवल छीनती नहीं, वह समय आने पर उससे कहीं अधिक लौटाती भी है। यही सत्य शिव की नगरी और सनातन दर्शन हमें सिखाते हैं। नियति का विधान: खंडहर से राजप्रासाद तक की यात्रा जीवन में कभी-कभी परिस्थितियाँ इतनी कठिन हो जाती हैं कि व्यक्ति स्वयं को टूटता हुआ महसूस करता है। परंतु ईश्वर की योजना मनुष्य की स...